कॉकरोच जनता पार्टी का राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू, अभिजीत दीपके ने बताया क्या होगी CJP की अगली रणनीति
कॉकरोच जनता पार्टी का राष्ट्रव्यापी अभियान, अभिजीत दीपके ने बताया आगे का प्लान
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर अपने हालिया विरोध प्रदर्शन के बाद अब देशभर में जनसंपर्क अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम के इस अभियान की घोषणा की। पार्टी के मुताबिक, इस मुहिम के जरिए लोगों की समस्याओं और उनकी प्राथमिकताओं को समझने की कोशिश की जाएगी।
सीजेपी ने जून और जुलाई में NEET पेपर लीक मामले को लेकर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह आंदोलन समाप्त हो गया था।
अब पार्टी ने अपने अगले अभियान का दायरा बढ़ाने की तैयारी की है। छत्रपति संभाजी नगर में अभिजीत दीपके ने पार्टी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ मिलकर आगे की रणनीति सामने रखी।
शिक्षा से शुरू होगी सीजेपी की नई मुहिम
अभिजीत दीपके के मुताबिक, राष्ट्रव्यापी अभियान में सबसे पहले शिक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। उनका कहना है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस के कारण कई परिवारों के लिए अच्छी शिक्षा हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है।
दीपके ने इस दौरान संस्थागत जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि देश की कई संस्थाओं को लेकर जनता का भरोसा कम हो रहा है और इसी वजह से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
राजनीतिक व्यवस्था और लोकतंत्र पर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने राजनीतिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद नेताओं का दूसरी पार्टियों में जाना और सरकारों के गठन को लेकर बदलते समीकरण लोगों के बीच राजनीतिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा कर रहे हैं।
उन्होंने ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि राजनीतिक व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा लगातार कमजोर होता रहा तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर संकेत होगा।
चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर भी निशाना
सीजेपी संस्थापक ने चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
न्यायपालिका को लेकर भी अभिजीत दीपके ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों के मामलों में सुनवाई और फैसलों में देरी होती है, जबकि बड़े कारोबारी या राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मामलों में तेजी से सुनवाई होने की धारणा लोगों के बीच बनी हुई है।
झारखंड के छात्रों के समर्थन में उतरेगी CJP
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली का मुद्दा भी सीजेपी की रणनीति में शामिल है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक रांका के मुताबिक, संगठन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की है।
उन्होंने कहा कि सीजेपी की टीम झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ खड़ी है। पार्टी की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल रांची पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करेगा और उनकी समस्याओं को समझेगा।
‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान में जनता से क्यों पूछे जाएंगे सवाल?
राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान जनता से मुद्दे पूछे जाने को लेकर अभिजीत दीपके से सवाल किया गया कि जब शिक्षा, न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसे मुद्दे पहले ही तय किए जा चुके हैं, तो फिर जनता के बीच जाकर उनसे क्या पूछा जाएगा?
इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन के पास अपना एजेंडा होना जरूरी है, लेकिन लोकतंत्र में जनता की राय भी महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान लोगों से बातचीत में कई लोगों ने सुझाव दिया था कि आंदोलन को केवल NEET तक सीमित न रखा जाए, बल्कि चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसे व्यापक मुद्दों को भी उठाया जाए।
अब देशभर में लोगों से संवाद की तैयारी
अभिजीत दीपके के मुताबिक, जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान मिले अनुभव और लोगों से हुई बातचीत के आधार पर सीजेपी ने अपने अभियान का विस्तार करने का फैसला लिया है। अब ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान के जरिए पार्टी देशभर में लोगों से संवाद कर उनके मुद्दों और सुझावों को समझने की कोशिश करेगी।
सीजेपी का यह नया अभियान आने वाले समय में किन मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाता है, इस पर नजर रहेगी।