रायपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में वरिष्ठता को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल वरिष्ठ होने के आधार पर किसी कर्मचारी को उच्च पद का चार्ज पाने का स्वतः अधिकार नहीं मिल जाता।
अदालत के अनुसार किसी उच्च पद का प्रभार सौंपना प्रशासनिक निर्णय के दायरे में आता है। ऐसे निर्णय में कर्मचारी की वरिष्ठता के साथ उसकी उपयुक्तता, अनुभव, क्षमता और संबंधित पद की प्रशासनिक जरूरत जैसे पहलुओं पर भी विचार किया जा सकता है।
कोर्ट की यह टिप्पणी सरकारी विभागों में अतिरिक्त प्रभार और उच्च पद की जिम्मेदारी सौंपने से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसका असर उन परिस्थितियों में भी पड़ सकता है, जहां किसी पद का नियमित प्रमोशन होने तक किसी कर्मचारी को अस्थायी रूप से जिम्मेदारी दी जाती है।
फैसले से यह स्पष्ट होता है कि वरिष्ठता एक महत्वपूर्ण आधार जरूर हो सकती है, लेकिन इसे हर स्थिति में एकमात्र और निर्णायक आधार नहीं माना जा सकता। प्रशासनिक जरूरत और कर्मचारी की उपयुक्तता को भी निर्णय लेते समय ध्यान में रखना जरूरी है।