15 August Alert: स्वतंत्रता दिवस पर हमले की आशंका, खालिस्तानी नेटवर्क को लेकर दिल्ली-पंजाब में हाई अलर्ट

स्वतंत्रता दिवस से पहले खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर सुरक्षा अलर्ट

15 August Independence Day Alert: खालिस्तानी समर्थकों की साजिश का इनपुट, दिल्ली-पंजाब में बढ़ाई गई सुरक्षा

15 August Alert: स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियां खालिस्तानी समर्थक नेटवर्क की कथित गतिविधियों को लेकर सतर्क हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में खुफिया इनपुट के हवाले से दावा किया गया है कि 15 अगस्त को दिल्ली और पंजाब के कुछ हिस्सों में सांकेतिक हमले या हिंसक गतिविधि की कोशिश की जा सकती है। संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है।

15 अगस्त को क्यों चुना जा रहा है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला है कि खालिस्तान समर्थक आतंकी नेटवर्क स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसर का इस्तेमाल अपनी मौजूदगी दिखाने के लिए कर सकता है।

रिपोर्ट में एक खुफिया अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि पंजाब के कुछ हिस्सों में संभावित गतिविधियों को लेकर एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। आशंका है कि किसी बड़े राष्ट्रीय दिवस पर प्रतीकात्मक कार्रवाई के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती है।

हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की ओर से संभावित हमले की सटीक जगह या तरीके को लेकर सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

गैंगस्टर-आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई से बढ़ी बेचैनी?

खुफिया एजेंसियों के आकलन के मुताबिक, भारत और कनाडा की ओर से गैंगस्टर-आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के चलते खालिस्तानी नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है। एजेंसियों को आशंका है कि इसी दबाव के बीच कुछ समूह पंजाब में अपनी गतिविधियों को फिर से तेज करने की कोशिश कर सकते हैं।

इसी वजह से पंजाब के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

SFJ और गुरपतवंत सिंह पन्नू की गतिविधियों पर नजर

प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) की गतिविधियां भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगठन से जुड़े गुरपतवंत सिंह पन्नू सोशल मीडिया के जरिए लगातार खालिस्तान समर्थक संदेश प्रसारित करता रहा है।

एजेंसियों का आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को प्रभावित करने और स्वतंत्रता दिवस के दौरान भारत सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए उकसाने की कोशिश की जा रही है।

सोशल मीडिया पर भी बढ़ी निगरानी

सुरक्षा एजेंसियां सिर्फ जमीनी गतिविधियों पर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्रचार और सोशल मीडिया कंटेंट पर भी नजर रख रही हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि खालिस्तान समर्थक नेटवर्क अलगाववादी विचारधारा से जुड़े कंटेंट के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।

एजेंसियों के मुताबिक, ऑनलाइन गतिविधियों का एक हिस्सा भारत विरोधी प्रचार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित दुष्प्रचार अभियान से भी जुड़ा हुआ है।

स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

15 अगस्त को देखते हुए दिल्ली और पंजाब समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। सार्वजनिक स्थानों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और कार्यक्रम स्थलों पर निगरानी बढ़ाने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

फिलहाल सामने आए इनपुट को सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। किसी संभावित हमले या घटना की पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियां खतरे की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम उठा रही हैं।

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