झारखंड में परीक्षा सुधार की मांग पर बवाल, छात्रों पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन

रांची में परीक्षा सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया

Jharkhand Exam Protest: परीक्षा सुधार की मांग पर छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस

झारखंड की राजधानी रांची में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में सुधार और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को तनावपूर्ण हो गया। विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले, वाटर कैनन और लाठियों का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, नौकरी के अभ्यर्थी और स्वयंसेवक शामिल हैं।

दो हफ्ते से जारी है छात्रों का आंदोलन

रांची में परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर छात्र पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी विधानसभा भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया।

पुलिस के मुताबिक, ज्यादातर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने ANI से कहा कि करीब 90 फीसदी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रदर्शनकारी अपने प्रतिनिधियों की अपील भी नहीं मान रहे थे। पुलिस के अनुसार, झड़प के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है, हालांकि घायलों की आधिकारिक संख्या स्पष्ट नहीं है।

JPSC परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप से शुरू हुआ विवाद

प्रदर्शन की मुख्य वजह झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की प्रारंभिक सिविल सेवा परीक्षा है, जो अप्रैल में आयोजित हुई थी। जुलाई में परिणाम जारी होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए।

प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया पर सामने आई कथित उत्तर पुस्तिकाओं का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि कुछ सफल अभ्यर्थियों ने अपेक्षा से काफी कम सवालों के जवाब दिए थे। इसके बाद परीक्षा परिणाम में हेरफेर किए जाने की आशंका को लेकर छात्रों का विरोध तेज हो गया।

राज्य सरकार ने छात्रों को कार्रवाई और न्याय का भरोसा दिया है। मामले की जांच झारखंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट यानी CID कर रही है। जांच के दौरान एक दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है।

तीन परीक्षाएं रद्द करने पर बनी सहमति

प्रदर्शनकारियों के साथ रविवार को हुई बातचीत के बाद सरकार ने संबंधित परीक्षा के अलावा दो अन्य परीक्षाओं को भी रद्द करने पर सहमति जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, JPSC के तीन सदस्यों ने भी इस्तीफा दे दिया है।

JPSC के चेयरमैन एल खियांगते पहले ही 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। जांच के सिलसिले में उनसे पूछताछ की गई थी और सोमवार को उनकी गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई।

CBI जांच की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी

सरकार की ओर से कुछ मांगें स्वीकार किए जाने के बावजूद छात्र आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच राज्य की CID के बजाय केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराई जाए।

छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रांची के एक स्टेडियम में 25 जुलाई से प्रदर्शनकारी जुटे हुए हैं। कुछ छात्र खुले में रात बिता रहे हैं, जबकि कई ने भूख हड़ताल भी की है।

आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन

रांची का यह आंदोलन अब राजनीतिक समर्थन भी हासिल कर चुका है। झारखंड में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया है। पार्टी ने विधानसभा में भी परीक्षा संबंधी मुद्दे को उठाते हुए मामले की केंद्रीय जांच की मांग की है।

वहीं, राज्य की सत्ता में शामिल कांग्रेस ने भी छात्रों के मुद्दे पर समर्थन जताया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को आरोप लगाया कि कुछ हितधारक राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शन को राजनीतिक रंग नहीं देने की अपील करते हुए छात्रों को न्याय दिलाने के लिए कार्रवाई का भरोसा दोहराया।

फिलहाल रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर मौजूद हैं। परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहने के संकेत हैं।

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