Pradeep Mishra Shiv Abhishek Live: ऑनलाइन हो रहा पार्थिव शिवलिंग पूजन, घर बैठे ऐसे जुड़ें
Pradeep Mishra Shiv Abhishek Live: सावन शिवरात्रि के मौके पर मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को पंडित प्रदीप मिश्रा जी के मार्गदर्शन में ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग पूजन और अभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। शाम 7 बजे से शुरू हुए इस विशेष धार्मिक आयोजन से श्रद्धालु घर बैठे जुड़ रहे हैं।
पंडित प्रदीप मिश्रा से जुड़े आधिकारिक सोशल मीडिया अपडेट में भी 11 अगस्त को शाम 7 बजे घर बैठे पार्थिव शिवलिंग पूजन की जानकारी साझा की गई थी।
घर बैठे पूजन में शामिल हो रहे श्रद्धालु
इस ऑनलाइन आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को अपने घर पर ही पार्थिव शिवलिंग की पूजा और अभिषेक से जोड़ना है। सामने आए दृश्यों में एक श्रद्धालु पूजा सामग्री के साथ पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक करते हुए दिखाई दे रहा है।
पूजन के दौरान जल, दूध और अन्य पूजा सामग्री के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया जा रहा है। श्रद्धालु धार्मिक विधि के अनुसार पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लेने में जुटे हैं।
पार्थिव शिवलिंग पूजन को लेकर उत्साह
सावन शिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की पूजा और अभिषेक को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। ऑनलाइन माध्यम से होने वाले ऐसे आयोजनों के जरिए लोग अपने घर से ही पूजा में शामिल हो सकते हैं।
पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा ऑनलाइन शिव अभिषेक से जुड़े आयोजन पहले भी किए गए हैं। ऐसे आयोजनों में श्रद्धालुओं को घर पर पार्थिव शिवलिंग तैयार कर पूजन और अभिषेक में शामिल होने की जानकारी दी जाती रही है।
ऑनलाइन आयोजन से कैसे जुड़ रहे भक्त?
11 अगस्त के इस आयोजन के लिए पंडित प्रदीप मिश्रा से जुड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा की गई है। आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक शाम 7 बजे से पार्थिव शिवलिंग पूजन में घर बैठे शामिल होने की जानकारी दी गई थी।
फिलहाल श्रद्धालु अपने घरों में पूजा सामग्री तैयार कर भगवान शिव का अभिषेक और पूजन कर रहे हैं। सावन शिवरात्रि के मौके पर इस ऑनलाइन आयोजन से बड़ी संख्या में शिवभक्तों के जुड़ने की उम्मीद है।
सावन शिवरात्रि पर शिवभक्ति का माहौल
सावन शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष दिन माना जाता है। इस अवसर पर मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी शिवलिंग का पूजन, जलाभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
पंडित प्रदीप मिश्रा से जुड़े इस ऑनलाइन आयोजन ने उन श्रद्धालुओं को भी घर से पूजा में शामिल होने का अवसर दिया है, जो सामूहिक आयोजन में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो सकते।