Vande Mataram Row: कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन का बड़ा बयान, बोले- ‘गोली मार देंगे फिर भी पूरा नहीं गाऊंगा’

वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन का बयान

Vande Mataram Row: राजमोहन उन्नीथन ने क्यों कहा- गोली मार देंगे फिर भी नहीं गाऊंगा?

Vande Mataram Row: कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन का बड़ा बयान, बोले- ‘गोली मार देंगे फिर भी पूरा नहीं गाऊंगा’

नई दिल्ली: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर देश में सियासी बहस के बीच कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन के बयान ने विवाद को और गरमा दिया है। केरल से कांग्रेस सांसद ने कहा है कि राज्य में वंदे मातरम का पूरा गीत नहीं गाया जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा कि “गोली मारने की धमकी दी जाए, तब भी” केरल में इसे मौजूदा तरीके से ही गाया जाएगा।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब वंदे मातरम को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज है। संसद के दोनों सदनों से संबंधित विधेयक पारित होने के बाद अब इस मुद्दे पर अलग-अलग राज्यों से प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

राजमोहन उन्नीथन ने क्या कहा?

राजमोहन उन्नीथन के मुताबिक, केरल में वंदे मातरम के केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे और पूरा गीत गाने की व्यवस्था लागू नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि केरल में जिस तरह अब तक राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किया जाता रहा है, उसी व्यवस्था को आगे भी जारी रखा जाएगा। सांसद ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र करते हुए कहा कि धमकी देने के बावजूद उनकी स्थिति नहीं बदलेगी।

उन्नीथन के साथ केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने भी इसी रुख का समर्थन किया और कहा कि राज्य में पहले की तरह वंदे मातरम के शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे।

केरल के मुख्य सचिव के पत्र के बाद विवाद

यह बयान केरल के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा की ओर से 6 अगस्त को जारी एक पत्र के बाद सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पत्र में 2026 के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के राष्ट्रव्यापी आयोजन से जोड़ने की जानकारी दी गई थी।

इस अभियान के तहत आयोजित होने वाले भौतिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सामूहिक गायन के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने या प्रदर्शित करने की बात कही गई है।

इस फैसले को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति की मंजूरी मिलने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में क्या होगा?

इस साल ‘हर घर तिरंगा’ अभियान 9 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक चलाया जा रहा है। अभियान के तहत लोगों से अपने घरों पर तिरंगा फहराने और उससे जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने की अपील की गई है।

डिजिटल भागीदारी के लिए नागरिक ‘हर घर तिरंगा’ पोर्टल पर तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी भी अपलोड कर सकते हैं।

क्या है वंदे मातरम बिल?

वंदे मातरम को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच संसद में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया था। दी गई जानकारी के अनुसार, यह विधेयक 29 जुलाई को राज्यसभा और 30 जुलाई को लोकसभा से पारित हुआ।

संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद विधेयक को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाना है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून का रूप लेगा।

वंदे मातरम के अपमान पर क्या प्रावधान बताए गए हैं?

प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य वंदे मातरम को राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनी प्रावधानों के दायरे में लाना बताया गया है। इसके तहत राष्ट्रीय गीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालना या उसका अपमान करना दंडनीय अपराध बनाए जाने का प्रावधान बताया गया है।

ऐसे मामले में दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन वर्ष तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान प्रस्तावित बताया गया है।

हालांकि, विधेयक के कानून बनने की प्रक्रिया राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही पूरी होगी।

वंदे मातरम पर बढ़ी सियासी गर्मी

एक तरफ केंद्र की ओर से राष्ट्रीय गीत को लेकर कार्यक्रमों में इसकी भूमिका बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ केरल में कांग्रेस नेताओं ने मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने की बात कही है।

राजमोहन उन्नीथन के बयान के बाद Vande Mataram Row एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। अब नजर इस बात पर है कि इस मुद्दे पर केंद्र और विपक्षी दलों के बीच आने वाले दिनों में सियासी टकराव कितना बढ़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *