सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 9 जजों की संविधान पीठ ने ‘Industry’ की परिभाषा से जुड़े नियम किए स्पष्ट

सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ का Industry की परिभाषा पर फैसला

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ ने श्रम कानून से जुड़े Bangalore Water Supply and Sewerage Board बनाम A. Rajappa मामले में गुरुवार को अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने 1978 के ऐतिहासिक फैसले में बताए गए ‘Industry’ के Triple Test को 6:3 के बहुमत से reformulate किया है। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह नया फॉर्मूला पुराने लंबित मामलों को प्रभावित नहीं करेगा और इसका दायरा 1947 के Industrial Disputes Act तक सीमित रहेगा।

1978 के फैसले में क्या था Triple Test?

1978 के Bangalore Water Supply फैसले में ‘Industry’ की पहचान के लिए व्यापक Triple Test तय किया गया था। इसके तहत किसी गतिविधि में संगठित और व्यवस्थित काम, नियोक्ता-कर्मचारी के सहयोग तथा वस्तुओं या सेवाओं के उत्पादन या वितरण जैसे तत्वों को देखा जाता था।

करीब पांच दशक तक यह फैसला Industrial Disputes Act, 1947 के तहत ‘Industry’ की कानूनी व्याख्या का प्रमुख आधार बना रहा। इसी वजह से 9 जजों की संविधान पीठ के सामने इस पुराने फैसले की दोबारा समीक्षा का सवाल काफी महत्वपूर्ण था।

6:3 के बहुमत से किया गया बदलाव

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली बहुमत पीठ ने माना कि 1978 के फैसले का मूल ढांचा पूरी तरह खत्म करने की जरूरत नहीं है, लेकिन Triple Test के कुछ हिस्सों को Section 2(j) के दायरे को बेहतर तरीके से स्पष्ट करने के लिए दोबारा तैयार किया जा सकता है।

कोर्ट ने कहा कि नया परीक्षण 1947 के Industrial Disputes Act की व्याख्या के लिए है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन मामलों का फैसला अंतिम हो चुका है, उन्हें इस नए बदलाव के आधार पर दोबारा नहीं खोला जाएगा। लंबित मामलों के संबंध में भी पुराने Bangalore Water Supply फैसले के अनुसार कानून लागू किया जाएगा।

नए Labour Code पर पुराने फैसले का क्या असर होगा?

फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि Industrial Relations Code, 2020 की व्याख्या Bangalore Water Supply के पुराने फैसले के आधार पर नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नया Labour Code अपने अलग कानूनी पाठ और संदर्भ के आधार पर समझा जाएगा।

Industrial Relations Code, 2020 के लागू होने के बाद भविष्य में उठने वाले औद्योगिक विवादों में 1978 के फैसले को नए कानून की व्याख्या का आधार नहीं बनाया जा सकेगा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

‘Industry’ की कानूनी परिभाषा का सीधा संबंध कर्मचारियों, नियोक्ताओं, औद्योगिक विवादों और श्रम कानून के दायरे से है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला आगे की न्यायिक व्याख्या और पुराने तथा नए श्रम कानूनों के बीच अंतर को समझने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि सुप्रीम कोर्ट ने 1978 के Bangalore Water Supply फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अदालत ने उसके Triple Test को संशोधित किया है और साथ ही यह स्पष्ट किया है कि पुराने 1947 के कानून के मामलों तथा नए Industrial Relations Code के तहत आने वाले भविष्य के मामलों को अलग-अलग कानूनी संदर्भ में देखा जाएगा।

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