नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने करीब 9,450 करोड़ रुपये की लागत वाली चार मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेल नेटवर्क में करीब 410 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी।
इन परियोजनाओं में खड़गपुर-भद्रक चौथी लाइन, भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन, गुम्मिडिपुंडी-गुडूर के बीच तीसरी और चौथी लाइन तथा कटक-पारादीप के बीच मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना शामिल है। इनमें खड़गपुर-भद्रक परियोजना की लंबाई करीब 173 किलोमीटर बताई गई है।
सरकार के मुताबिक इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य बढ़ते यात्री और माल यातायात के दबाव को कम करना और रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना है। अतिरिक्त रेल लाइनें बनने से व्यस्त रूट पर ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं से महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों और बंदरगाहों के बीच कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इससे माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने और सामान की आवाजाही को तेज करने में मदद मिल सकती है।
खास तौर पर Howrah-Chennai जैसे महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर अतिरिक्त लाइनें बनने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से संबंधित राज्यों में कनेक्टिविटी, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।