रक्षाबंधन: रक्षाबंधन 2026 को लेकर भाई-बहनों में उत्साह बढ़ने लगा है। इस साल भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का यह पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह दिन श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर पड़ रहा है।
राखी बांधने के बाद भाई अपनी बहन को शगुन या उपहार देने की परंपरा निभाता है। इसी को लेकर अक्सर सवाल उठता है कि 101, 151 या 251 रुपये में से कौन-सी राशि शगुन के लिए शुभ मानी जाती है?
101, 151 और 251 रुपये क्यों दिए जाते हैं?
भारतीय परिवारों में 101, 151 और 251 जैसी राशि को शगुन के रूप में देने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इन राशियों में विषम अंक होने के कारण इन्हें कई परिवार शुभ मानते हैं। हालांकि धार्मिक रूप से ऐसा कोई सार्वभौमिक नियम नहीं है कि रक्षाबंधन पर बहन को केवल इन्हीं तीन राशियों में से कोई एक राशि देना जरूरी है।
इसलिए 101, 151 या 251 रुपये में से कोई भी राशि पारिवारिक परंपरा और अपनी सुविधा के अनुसार दी जा सकती है। शगुन की राशि से ज्यादा महत्व भाई-बहन के प्रेम, सम्मान और शुभकामनाओं को दिया जाता है।
राखी पर सिर्फ पैसे देना जरूरी नहीं
समय के साथ रक्षाबंधन पर उपहार देने का तरीका भी बदल रहा है। शगुन के साथ भाई अपनी बहन को कपड़े, मिठाई, ज्वेलरी, उपयोगी सामान या उसकी पसंद का कोई गिफ्ट भी दे सकता है। कई परिवारों में नकद राशि के बजाय पसंदीदा उपहार देने का चलन बढ़ा है।
28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन
पंचांग के अनुसार 2026 में रक्षाबंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। नई दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग में राखी बांधने का समय सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक बताया गया है। पूर्णिमा तिथि भी 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है।
हालांकि राखी बांधने का मुहूर्त शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए अलग-अलग शहरों में रहने वाले परिवार अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देख सकते हैं।
शगुन से ज्यादा मायने रखता है भाई-बहन का रिश्ता
रक्षाबंधन का मूल भाव भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे की खुशियों की कामना से जुड़ा है। ऐसे में 101, 151 या 251 रुपये का शगुन देना एक पारंपरिक तरीका जरूर है, लेकिन राशि को लेकर कोई बाध्यता नहीं है। भाई अपनी क्षमता और परिवार की परंपरा के अनुसार बहन को शगुन या उपहार दे सकता है।