असम में बाढ़ का कहर, मौतों का आंकड़ा 100 पहुंचा; 10 जिलों में 1.40 लाख लोग प्रभावित

असम में बाढ़ से 10 जिलों में करीब 1.40 लाख लोग प्रभावित

Assam Flood: असम में बाढ़ से 100 लोगों की मौत, 1.40 लाख प्रभावित; जानें सबसे ज्यादा कहां तबाही

असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है। पिछले 24 घंटे में दो और लोगों की मौत हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से 10 जिलों में करीब 1.40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

10 जिलों में बाढ़ का असर

बाढ़ का असर गोलाघाट, शिवसागर, होजाई, दर्रांग, लखीमपुर, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग, चराइदेव, नगांव और बिस्वनाथ जिलों में देखने को मिल रहा है।

इनमें गोलाघाट सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बताया जा रहा है, जहां करीब 70 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं। शिवसागर में लगभग 40 हजार और जोरहाट में 16 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

नदियां खतरे के निशान से ऊपर

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, गोलाघाट और नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी तथा श्रीभूमि में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

धनसिरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण गोलाघाट जिले में लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

49 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविरों में

बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। मौजूदा समय में करीब 49,100 लोग 125 राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों में रह रहे हैं।

बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में सामान्य जनजीवन पर भी असर पड़ा है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की है।

गोलाघाट में सबसे ज्यादा असर

गोलाघाट में बाढ़ की स्थिति सबसे चिंताजनक बनी हुई है। यहां करीब 70 हजार लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। वहीं शिवसागर में लगभग 40 हजार लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है।

लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और खतरे वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

असम में बाढ़ से अब तक 100 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 1.40 लाख लोग प्रभावित हैं। आने वाले दिनों में जलस्तर और मौसम की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

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