Haridwar Kanwar Yatra News: 6 किमी तक जाम, घंटों फंसे लोग; Modified Bikes पर गुस्सा
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के बीच 5-6 किमी लंबा जाम, घंटों फंसे लोग; तेज आवाज वाली बाइकों पर नाराजगी
हरिद्वार: कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने से शहर में ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। कई प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति बनी हुई है और स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्हें घंटों तक रास्ते में फंसे रहना पड़ा। कुछ स्थानीय लोगों ने कांवड़ यात्रियों की मोडिफाइड बाइकों और तेज आवाज करने वाले साइलेंसर को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए पुलिस पहले ही ट्रैफिक व्यवस्था के लिए रूट डायवर्जन और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की बात कह चुकी है। इनमें मोडिफाइड बाइक और तेज आवाज वाले साइलेंसर वाली मोटरसाइकिलें भी शामिल हैं। हालांकि, ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली।
2 से 3 घंटे तक जाम में फंसे लोग
स्थानीय निवासी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि वह करीब ढाई से तीन घंटे से जाम में फंसे हुए हैं। उनके अनुसार, जाम करीब 5 से 6 किलोमीटर पहले से लगा हुआ है।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों की मोटरसाइकिलों के लिए अलग रास्ते की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि आम वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो। लंबे समय तक जाम में फंसे रहने के कारण उनकी कार का पेट्रोल भी खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया।
शैलेन्द्र सिंह के मुताबिक, स्थानीय लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है। उनका मानना है कि कांवड़ यात्रियों की बाइक के लिए अलग व्यवस्था होने से आम लोगों को राहत मिल सकती है।
पुलिस की मौजूदगी को लेकर भी उठे सवाल
शैलेन्द्र सिंह ने दावा किया कि जाम वाली सड़क पर उन्हें पुलिसकर्मी नजर नहीं आए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की गाड़ियां तो निकल रही हैं, लेकिन आम लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही।
उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में मोटरसाइकिलों के चलते ट्रैफिक दबाव और बढ़ रहा है। कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ और वाहनों की संख्या बढ़ने से सड़क पर आवाजाही प्रभावित हो रही है।
तेज आवाज वाली बाइकों से स्थानीय लोग परेशान
स्थानीय लोगों ने कुछ कांवड़ यात्रियों की ऐसी मोटरसाइकिलों को लेकर भी नाराजगी जताई, जिनके साइलेंसर हटे हुए बताए गए। शैलेन्द्र सिंह का कहना था कि इन बाइकों से काफी तेज आवाज निकल रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसी तेज आवाज से किसी गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को परेशानी होती है या कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या पैदा होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
एक अन्य स्थानीय निवासी राजीव ने बताया कि वह भी करीब दो घंटे से जाम में फंसे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि कई मोटरसाइकिलों के साइलेंसर हटे हुए हैं और उनकी तेज आवाज से आसपास मौजूद लोगों को परेशानी हो रही है।
रुड़की से हरिद्वार पहुंचने में लगे करीब 7 घंटे
एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि रुड़की से हरिद्वार पहुंचने में उसे करीब सात घंटे लग गए। उन्होंने बताया कि उनका गांव हरिद्वार में ही है, लेकिन जाम के कारण घर पहुंचना भी मुश्किल हो गया।
उन्होंने स्थानीय लोगों के लिए बेहतर यातायात व्यवस्था की मांग करते हुए कहा कि कम से कम स्थानीय निवासियों को अपने गांवों और घरों तक जाने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
इस व्यक्ति ने भी आरोप लगाया कि कांवड़ यात्रियों की बड़ी संख्या में चल रही मोटरसाइकिलों से जाम की स्थिति और खराब हो रही है। वहीं, तेज आवाज वाली बाइकों के कारण सिरदर्द जैसी परेशानी होने की बात भी कही।
ट्रैफिक व्यवस्था पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले पुलिस की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर रूट डायवर्जन और नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई की बात कही गई थी। लेकिन ग्राउंड पर जाम की स्थिति और स्थानीय लोगों की शिकायतों ने यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
हरिद्वार में कई किलोमीटर तक जाम और घंटों तक फंसे लोगों के बीच स्थानीय लोग ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही तेज आवाज वाले और नियमों के विपरीत चल रहे वाहनों पर कार्रवाई की भी मांग उठ रही है।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आने वाले दिनों में हरिद्वार में यातायात व्यवस्था पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी रह सकती है।