IAF Officer Honey Trap Case: पाकिस्तानी एजेंट के जाल में फंसे IAF अधिकारी गिरफ्तार, चार्जशीट दाखिल
IAF Officer Honey Trap Case: भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी के खिलाफ सैन्य जानकारी कथित तौर पर साझा करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, अधिकारी सोशल मीडिया के जरिए एक पाकिस्तानी महिला के संपर्क में आया था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि महिला का संबंध पाकिस्तान की खुफिया गतिविधियों से हो सकता है।
सोशल मीडिया के जरिए अधिकारी से संपर्क
पुलिस की जांच के मुताबिक, पाकिस्तानी महिला ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय वायुसेना के अधिकारी से संपर्क स्थापित किया। इसके बाद दोनों के बीच वीडियो कॉल और दूसरे डिजिटल माध्यमों से बातचीत होने लगी। पुलिस को आशंका है कि इसी संपर्क के जरिए अधिकारी को हनीट्रैप में फंसाया गया।
अधिकारी पर आरोप है कि उसने इस संपर्क के दौरान सैन्य से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां अधिकारी के संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।
Official Secrets Act के तहत केस
पुलिस ने अधिकारी के खिलाफ Official Secrets Act के तहत मामला दर्ज किया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्हें 30 मई को गिरफ्तार किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया। इसके बाद जांच पूरी होने पर 30 जुलाई को अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।
बड़े जासूसी नेटवर्क से जुड़े होने का शक
जांच एजेंसियों को अब आशंका है कि यह मामला केवल एक अधिकारी और एक महिला के बीच संपर्क तक सीमित नहीं हो सकता। दिल्ली पुलिस को शक है कि अधिकारी किसी बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कथित पाकिस्तानी महिला का पाकिस्तान स्थित खुफिया अधिकारियों से कोई संबंध था या नहीं और उसके जरिए सैन्य जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई थी या नहीं।
डिजिटल संपर्कों की जांच जारी
पुलिस मामले में सोशल मीडिया संपर्क, वीडियो कॉल और अन्य डिजिटल माध्यमों से हुई बातचीत से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अधिकारी ने कथित तौर पर किस तरह की जानकारी साझा की और वह जानकारी कहां तक पहुंची।
फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे मामले को संभावित जासूसी नेटवर्क के एंगल से भी देख रही हैं। पाकिस्तानी महिला के खुफिया अधिकारियों के लिए काम करने का संदेह जांच का एक प्रमुख हिस्सा है।