नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 2026-27 के लिए एक महत्वपूर्ण संसदीय समिति का पुनर्गठन किया है। समिति में नए सदस्यों को शामिल किया गया है। यह समिति विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की ओर से कानूनों को लागू करने के लिए बनाए गए नियमों और उपनियमों की निगरानी करती है।
नए सदस्यों की नियुक्ति के बाद समिति की संसदीय निगरानी से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। ऐसी समितियां संसद की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, क्योंकि इनके माध्यम से कानून बनने के बाद उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बनाए गए नियमों की समीक्षा की जाती है।
संसदीय समितियां संबंधित नियमों और उपनियमों की जांच कर यह देखती हैं कि वे मूल कानून और संसद की मंशा के अनुरूप हैं या नहीं। इस प्रक्रिया के जरिए मंत्रालयों के कामकाज पर संसदीय निगरानी को मजबूत करने में मदद मिलती है।
लोकसभा से जुड़ी विभिन्न समितियों का समय-समय पर पुनर्गठन संसदीय प्रक्रिया का नियमित हिस्सा है। नए सदस्यों के शामिल होने के साथ समिति अब 2026-27 के दौरान अपने निर्धारित कार्यों और जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाएगी।