अमित शाह की अध्यक्षता में Southern Zonal Council की अहम बैठक, परिसीमन और कावेरी समेत कई मुद्दों पर चर्चा

अमित शाह की अध्यक्षता में Southern Zonal Council की 31वीं बैठक

चेन्नई: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गुरुवार को तमिलनाडु के कोवलम में Southern Zonal Council की 31वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में दक्षिण भारत के राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने, अंतरराज्यीय विवादों के समाधान, आर्थिक विकास, सुरक्षा और केंद्र-राज्य समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

परिसीमन का मुद्दा बैठक में छाया रहा

बैठक में लोकसभा सीटों के संभावित परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों की चिंताएं प्रमुखता से सामने आईं। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मांग रखी कि 1971 की जनगणना को आधार मानते हुए मौजूदा 543 लोकसभा सीटों की संख्या अगले 25 वर्षों तक बरकरार रखी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए प्रस्तावित आरक्षण को इन्हीं मौजूदा सीटों के भीतर समायोजित किया जाना चाहिए।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने भी दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर चिंता जताई। उन्होंने केंद्र से स्पष्ट आश्वासन की मांग की कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने के कारण किसी दक्षिणी राज्य की संसद में प्रतिनिधित्व की हिस्सेदारी कम नहीं होनी चाहिए।

कावेरी और जल विवाद पर भी चर्चा

दक्षिणी राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे कावेरी जल विवाद का मुद्दा भी बैठक में महत्वपूर्ण रहा। कर्नाटक के डीके शिवकुमार ने मेकेदातु परियोजना का मुद्दा उठाते हुए इसे कर्नाटक के साथ-साथ तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए भी लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि पानी राज्यों के बीच विवाद का कारण बनने के बजाय सहयोग का माध्यम होना चाहिए।

विकास, सुरक्षा और केंद्र-राज्य सहयोग पर जोर

बैठक में अंतरराज्यीय सहयोग के अलावा आर्थिक विकास, निवेश, बुनियादी ढांचे, जल संसाधन, कानून-व्यवस्था और नशीली दवाओं की रोकथाम जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। दक्षिणी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और केंद्र के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

Southern Zonal Council में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के साथ पुडुचेरी, लक्षद्वीप तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से जुड़े प्रतिनिधित्व का प्रावधान है। इस बैठक को लंबे अंतराल के बाद दक्षिणी राज्यों के साझा मुद्दों पर केंद्र और राज्यों के बीच संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दक्षिणी राज्यों के लिए क्यों अहम है बैठक?

दक्षिणी राज्यों में परिसीमन को लेकर राजनीतिक प्रतिनिधित्व, राज्यों के बीच जल बंटवारा और केंद्र से वित्तीय व विकास संबंधी सहयोग जैसे मुद्दे लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। ऐसे में Southern Zonal Council की बैठक इन मुद्दों को एक साझा मंच पर उठाने और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बनी।

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