रायपुर में पुलिसकर्मियों का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 42 जांबाज पुलिसकर्मियों को मिला अवॉर्ड

रायपुर में सम्मानित किए गए छत्तीसगढ़ के पुलिसकर्मी

रायपुर में 42 पुलिसकर्मियों को मिला ‘जज्बा अवार्ड’, CM साय ने किया सम्मान; साइबर क्राइम से महिला सुरक्षा तक शानदार काम

रायपुर: स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले रायपुर में पुलिसकर्मियों के उत्कृष्ट कार्य और कर्तव्यनिष्ठा को सम्मानित किया गया। शुक्रवार को आयोजित ‘पत्रिका पुलिस जज्बा अवार्ड-2026’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर कमिश्नरेट और पुलिस रेंज के 42 उत्कृष्ट पुलिस अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया।

यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों को दिया गया जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, अपराध की जांच, ट्रैफिक मैनेजमेंट, अनुशासन, बहादुरी और कम्युनिटी पुलिसिंग जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम किया। नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और ई-मालखाना प्रबंधन को भी पुरस्कार की श्रेणियों में शामिल किया गया था।

साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई बनी खास उपलब्धि

कार्यक्रम में साइबर अपराध के क्षेत्र में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया। रिपोर्ट के अनुसार रेंज साइबर थाना रायपुर के निरीक्षक मनोज नायक ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी आईडी और शेयर ट्रेडिंग से जुड़े 120 मामलों में जांच की। अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई के दौरान 453 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। पीड़ितों को करीब 6 करोड़ रुपये वापस दिलाने की बात भी सामने आई है।

बाढ़ में 200 से ज्यादा लोगों की बचाई जान

पुरस्कार पाने वाले पुलिसकर्मियों में ऐसे जवान भी शामिल रहे जिन्होंने आपदा के समय साहस और तत्परता दिखाई। मातागढ़ तुरतुरिया धाम में बालमदेही नदी में आई बाढ़ के दौरान 200 से अधिक पर्यटकों के रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिसकर्मी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

महिला सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में भी बेहतर काम

महिला सुरक्षा के क्षेत्र में ASI अमिला नाग को महिला संबंधी अपराधों की प्रभावी विवेचना के लिए सम्मान मिला। वहीं ट्रैफिक मैनेजमेंट में उप निरीक्षक खेमराज साहू के काम को भी सराहा गया। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने 21,417 चालान मामलों में कार्रवाई की और 77 सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में भूमिका निभाई।

CM साय और DGP ने बढ़ाया जवानों का हौसला

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने को लेकर मुख्यमंत्री और सुरक्षा बलों के जवानों के प्रति स्टैंडिंग ओवेशन भी दिया गया। DGP अरुणदेव गौतम ने पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियों और उनके परिवारों के त्याग को रेखांकित किया।

यह सम्मान न केवल उत्कृष्ट पुलिसकर्मियों के काम की पहचान है, बल्कि विभाग के दूसरे जवानों और अधिकारियों के लिए भी बेहतर काम करने की प्रेरणा देने वाला संदेश माना जा रहा है।

42 पुलिसकर्मियों का सम्मान: रायपुर कमिश्नरेट और पुलिस रेंज के 42 पुलिस अधिकारियों व जवानों को सम्मान मिला।

मुख्यमंत्री ने किया सम्मान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम में मौजूद रहे और सम्मान पाने वाले पुलिसकर्मियों को बधाई दी।

कई श्रेणियों में पुरस्कार: साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा, बेहतर जांच, अनुशासन, बहादुरी, ट्रैफिक मैनेजमेंट, कम्युनिटी पुलिसिंग, नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और ई-मालखाना प्रबंधन जैसी श्रेणियां शामिल रहीं।

साइबर क्राइम में बड़ा काम: निरीक्षक मनोज नायक ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी आईडी और शेयर ट्रेडिंग से जुड़े 120 मामलों की जांच में भूमिका निभाई। रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई कर 453 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और पीड़ितों को करीब 6 करोड़ रुपये वापस दिलाए गए।

ट्रैफिक मैनेजमेंट में उल्लेखनीय काम: उप निरीक्षक खेमराज साहू ने 21,417 चालान मामलों में कार्रवाई और 77 सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में भूमिका निभाई।

बाढ़ में रेस्क्यू: एक पुलिसकर्मी ने तुरतुरिया धाम में बाढ़ के दौरान फंसे 200 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई।

महिला सुरक्षा: ASI अमिला नाग को महिला संबंधी अपराधों की प्रभावी जांच और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए सम्मानित किया गया।

ईमानदारी और संवेदनशीलता के उदाहरण: रायपुर कमिश्नरेट के प्रधान आरक्षक आशुतोष नेताम ने सड़क पर मिले गहने, नकदी और दस्तावेजों से भरे बैग को उसके मालिक तक पहुंचाया।

नशे के खिलाफ कार्रवाई: निरीक्षक सतीश सिंह ने संगठित नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और अपराध से अर्जित 8 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को फ्रीज कराने में भूमिका निभाई। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने को लेकर मुख्यमंत्री और पुलिस जवानों के प्रति स्टैंडिंग ओवेशन भी दिया गया। DGP अरुणदेव गौतम ने पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और उनके परिवारों के त्याग को रेखांकित किया।

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